Tuesday, March 6, 2012

Chai thandi ho rahi hai..

Lake Zurich at Night

What was mine once. It is  now yours to cherish. 

सितारे थोड़ी दूर लग रहे थे । ओस की हर बूँद को ही टूटा हुआ तारा मान लिया

यह कहना गलत होगा की मैं सही था यह कहना भी गलत होगा की मैं गलत था कभी कभी बीच की दीवार इतनी मोटी होती है की उस पर खड़े हो कर ऐसा एहसास होता है की आप दीवार के एक तरफ ज्यादा हो और दूसरी ओर कम पर गौर कीजियेगा की मैंने यह नहीं कहा की आप एक तरफ हो और दूसरी ओर नहीं सिर्फ ऐसा प्रतीत होता है दूर से देखने पर ये पता लगाना मुश्किल है की दीवार कितनी मोटी है इरादों की दीवार उमीदों की दीवार भावनाओ की दीवार प्रश्नों की दीवार पर दुनिया की नज़रों का क्या कहना बिना देखे, बिना सुने, बिना समझे ही सलाह देना चाहती है उन्हें यह पता नहीं की बेघर होना हमें अच्छा लगता है फिर भी सहारा देना चाहती है

मैं जानता हूँ की मैंने एक बार तुमसे कहा था की हमारे बीच में कुछ शब्द जैसे 'लेकिन', 'परन्तु', 'शायद', यह कभी नहीं लाऊंगा पर कभी कभी चाहते हुए भी इन शब्दों का सहारा लेना पड़ता है  दिल की बातों को अनसुना कर ख्वाबों का पीछा करना छोड़ना पड़ता है मरने के बाद भी सांस लेने का सच्चा बहाना करना पड़ता है। मैं जानता हूँ की तुम क्या कहोगीमत कहोमैं उन्हें पहले ही सुन चूका हूँकसूर किसी का नहीं हैआँखों को पढना कभी कभी मुश्किल होता है, अब मैं जानता हूँ

 तुम मेरे लिए जियो और मैं तुम्हारे लिए मरू, अब शायद येही बाकी रह गया हैवो एक वजह जिसके लिए जीना भी मंजूर हो और मरना भी, आज कल की दुनिया में ऐसा कहाँ कोई होता हैमैं अभी भी थोडा पुराने ज़माने का हूँ, तुम गलत नहीं कहती थीइतने दिनों के बाद तो तुम्हे आज हस्ते देखा है, इतने सारे हस्ते हुए चेहरों के बीच में रह कर भीदीवाना ही बंद कमरे में रोता है

दिल कांच का है तो क्या हुआ? दरार आसानी से ज़रूर जाएगी, पर टूटने में वक़्त लगेगावो अलग बात है की एक बार टूट गया तो दिल टूटने का डर हट जायेगाआंच थोड़ी कम हैजलने में वक़्त लगेगा। सच आधा है, समझाने में थोड़ी मुश्किल होगी। कहानी लम्बी है, पूरी बताने में वक़्त लगेगा । चाय मेज पर रख आया था, ठंडी हो रही होगी ।  ठंडी चाय पी कर तुम्हारी यादें ताज़ा रखना अब शायद येही बाकी रह गया है

You can breathe now. And I have to perish.

डूबने का डर तो नहीं था, फिर भी तुम्हारे हाथ को किनारा मान लिया
                                              तुम्हारे साथ को सहारा मान  लिया
                                    

22 comments:

  1. super...padhke aisa laga jaise kuch baate mai bhi likhun , paper and pen dhundhne ka mann kiya , aaj phir kuch likhne ka mann kiya....bahut acha like ho ..inspirational.

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    1. Danke DJ. hindi wale main sabse pehle tere se hi padhata hun...tere mein nazar hai....achhi cheez ke pehchan ki :P

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  2. Kya baat hai...bahut achche. :)

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  3. Loved the last para..Hindi has a magical effect.. :)

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    1. Thank You Neha. And Yes, I totally agree about Hindi having a magical effect.. :-)

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  4. It's a very emotional post. I have felt like that many times. At times, I feel like standing still on the wall. I feel I have no strength to cross it, to break it, to jump from it. Life looks like a cobweb of emotions, lies, betrayal and promises. Then, a breeze blows and takes me to a land where I find solace, not the answers, just solace. May be my mind accepts and it overpowers my heart that time...

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    1. This was the emotion I wanted to stir in the reader. A feeling helplessness but mixed with some hope as well...So happy that you could feel the same here Saru.
      Thank you very much for this. :-)

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  5. I understand this is not the apt place to say this,
    but a little appreciation from my side..
    http://kshahzworld.blogspot.in/2012/03/unheard-voice-can-encourage-you.html

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    1. Thank You Kinara. Much Appreciated. :-)

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  6. Kunal....I do not want to say anything and disrespect this post. This is beyond any comments.....

    *respect*

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    1. You say everything here by this comment Chintan. Thank you :-)

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  7. sadly my hindi is not that gooood ..

    but as much as i understood its wonder .. dil toot jaye to fir dubara tootne ka khauf nikal jata hai ..

    Bikram's

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    1. Its alright Bikram. Your coming here and spending some time is much appreciated. Hopefully, I will try to give english versions as well sometimes.. and you got it spot on in your understanding :-)

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  8. A thing expressed in Hindi touches straight to the heart! Really an emotional one!

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  9. Haven't updated since then? :O

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    1. Have been a little busy. Will be active in a few days.. :-)

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